देहरादून: राजधानी देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में आज सुबह 9:30 बजे ICU के लगे AC में आग लगने पूरे ICU में आग लग गई. अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची. वहीं गढ़वाल कमिश्नर और IG गढ़वाल भी अस्पताल पहुंचे. वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के चलते आगजनी की घटना घटित हुई. इस घटना में एक महिला मरीज की मौत हो गई है.
ICU में भर्ती अन्य लोगों को कैलाश अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया है. घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची और कुछ देर बाद गढ़वाल कमिश्नर और आईजी गढ़वाल भी मौके पर पहुंच गए. घटना में 10 व्यक्ति घायल हुए हैं. एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो गई है. वहीं, राहत व बचाव कार्य में लगे 3 पुलिसकर्मियों भी घायल हैं.
पैनेसिया हॉस्पिटल के ICU में आग की घटना सुबह करीब 9:20 के आसपास घटी. ईटीवी भारत की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई. आग लगने की सूचना और फिर धुआं उठते देख वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी. अस्पताल स्टाफ को लोगों ने मरीजों को वार्डों से बाहर निकाला गया. कई मरीजों को एंबुलेंस के जरिए दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया.

मौके पर पहुंचे गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि यह अस्पताल पैनेसिया ग्रुप द्वारा लीज पर लिया गया है. सुबह जब ICU में आग लगी तो पूरे अस्पताल में 13-14 लोग थे. जिस ICU में आग लगी उसने 6 लोग भर्ती थे. सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया और दूसरे अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है. एक केस जो सबसे अधिक नाजुक था उसे कैलाश हॉस्पिटल रेफर किया गया है.

कमिश्नर गढ़वाल ने बताया कि प्रथम दृश्य यह घटना AC में आग लगने से प्रतीत नजर आ रही है. हालांकि, इसकी जांच में साफ होगा कि क्या हुआ था. लापरवाही को लेकर अभी कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता है.

सुबह 9 बजकर 22 मिनट पर इस घटना की शुरुआत हुई. आईसीयू की फाल सीलिंग में लगे AC से इसकी शुरुआत हुई. इसकी क्या वजह रही यह जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा. हालांकि, अग्निशमन की टीम 6 मिनट के भीतर यहां पहुंच गई थी और जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया था. जब यह घटना हुई तो अस्पताल में कुल 14 लोग थे, जिन्हे यहां से शिफ्ट किया गया है. कुछ मरीजों को कैलाश हॉस्पिटल भेजा गया है और कुछ को दून हॉस्पिटल भेजा गया है.
– विनय शकर पांडे, गढ़वाल कमिश्नर –
हालांकि, कैलाश हॉस्पिटल के डॉयरेक्टर पवन शर्मा ने ईटीवी भारत को बताया कि एक महिला उनके पास डेड अवस्था (Brought Dead) में आई थी. इस महिला की मौत प्रथम दृष्टया धुएं में दम घुटने और जलने से लग रही है. हालांकि, असल वजह पोस्टमार्टम के बाद ही पता लग पाएगी. जिस महिला की मौत हुई है उसका नाम वीरवती (60 वर्षीय) निवासी कांवली, बल्लीवाला देहरादून बताया गया है.

हमारे पास कुल 13 मरीज भेजे गए. 4 मरीज वेंटिलेटर पर थे और काफी झुलसे हुए थे. तीन पुलिसकर्मी थे जो वहां पर घायल हो गए थे. एक महिला मृत अवस्था में थी.
– पवन शर्मा, डॉयरेक्टर, कैलाश अस्पताल –
वहीं, मृतक महिला के बेटे सनी पाल का कहना है कि,

अस्पताल से भाई की कॉल आई थी कि यहां आग लग गई है मां को निकालना है. जबतक मैं पहुंचा तबतक मां को लेकर कैलाश अस्पताल आ चुके थे. पहुंचने पर पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है. परसों वहां भर्ती कराया था. उनकी मौत वहीं अस्पताल से निकालते हुए ही धुएं की वजह से हुई. वहां धुआं ही धुआं हो रखा है. सभी के चेहरे और कपड़ों पर भी. अस्पताल में 10-12 हजार जमा हुए हैं.
उधर, गढ़वाल कमिश्नर का कहना है कि, ‘जो मौत की बात कही जा रही है उसे देखना होगा कि उसकी कंडीशन क्या थी, और उसकी मौत की वजह क्या रही होगी.’
वहीं, इस घटना के बाद अस्पतालों में सेफ्टी चेक को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हॉस्पिटल में सेफ्टी चेक और लपरवाही को लेकर गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने साफ किया कि सरकार के सख्त निर्देश हैं कि अस्पतालों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. अस्पतालों का समय-समय पर ऑडिट किया जाता है और इस घटना की भी सख्त जांच की जाएगी.

चीफ फायर अधिकारी अभिनय त्यागी ने कहा कि,‘आग की घटना पर पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की होती है और इसी प्रोटोकोल के अनुसार आज की कार्रवाई की गई. आग की घटना की वजह से किसी की जनहानी नहीं हुई है.”
