निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल की उपलब्धियों को सराहा, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करने वाली महिला मुक्केबाजों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पिथौरागढ़ की तीन होनहार बॉक्सर निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और ललित कुँवर को भी सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियां लगातार खेलों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सफलताएं हासिल कर सकें।
अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दो रजत पदक
हाल ही में 3 से 15 जुलाई 2026 के बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड की दो महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। निकिता चंद ने 60 किलोग्राम भार वर्ग और काजल फर्स्वाण ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत का परचम लहराया। दोनों खिलाड़ियों ने कठिन मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
निकिता चंद का शानदार रिकॉर्ड
पिथौरागढ़ जिले के बड़ालू गांव की रहने वाली निकिता चंद पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2021, 2022 और 2023 की एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। वर्तमान में वह अपने प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और भास्कर भट्ट के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
काजल फर्स्वाण ने भी बढ़ाया प्रदेश का मान
पिथौरागढ़ के मुनस्यारी ब्लॉक के भदेली गांव की रहने वाली काजल फर्स्वाण ने भी कम समय में बॉक्सिंग जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने खेल विभाग के महिला आवासीय छात्रावास से बॉक्सिंग की शुरुआत की, जहां उन्हें सुनीता मेहता रावत और कप्तान देवीचंद का मार्गदर्शन मिला। इसके बाद उन्होंने स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में कोच निखिल महर से प्रशिक्षण प्राप्त किया। बाद में उनका चयन एनबीए रोहतक के लिए हुआ और वर्तमान में वह पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप में प्रशिक्षण ले रही हैं।
काजल इससे पहले अंडर-19 एएसबीसी एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक, अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 में भी रजत पदक अपने नाम कर चुकी हैं।
रोमानिया में आरती धारियाल ने जीता स्वर्ण
उत्तराखंड की एक और उभरती मुक्केबाज आरती धारियाल ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने 12 से 16 जुलाई 2026 तक रोमानिया में आयोजित गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता के 54 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। पिथौरागढ़ के गौड़ीहाट की रहने वाली आरती इससे पहले वर्ष 2024 और 2025 की एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उनकी निरंतर उपलब्धियों को देखते हुए उनका चयन भी पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप में हुआ है, जहां वह उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
आरती ने जिला खेल कार्यालय के अंतर्गत संचालित स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में कोच निखिल महर के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग की बारीकियां सीखीं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश में खेल प्रतिभाओं के उभरते स्तर और मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था की भी झलक पेश करती हैं।
‘सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देगी’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निकिता, काजल और आरती ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से यह साबित किया है कि उत्तराखंड की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतना खिलाड़ियों की मेहनत के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों और परिवारों के सहयोग का भी परिणाम है। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, बेहतर कोचिंग तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की बेटियां अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में और अधिक पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने तीनों खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा, सहायक निदेशक खेल संजीव पौरी, जिला खेल अधिकारी शबाली गुरंग, संबंधित प्रशिक्षकों तथा खेल विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
