वन विकास निगम में दूर हुई अफसरों की कमी, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में CSB का इंतजार

देहरादून: उत्तराखंड वन विकास निगम में वन विभाग से चार अधिकारी भेजे गए हैं. दरअसल, वन विकास निगम में अफसरों की कमी बनी हुई थी और इसी को देखते हुए विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ये चार अधिकारी भेजे गए हैं. हालांकि वन विभाग में भी अधिकारियों की कमी है. फिलहाल फौरी तौर पर प्रभारी व्यवस्था और डबल चार्ज के रूप में काम चलाया जा रहा है.

वन विकास निगम में सहायक वन संरक्षक से लेकर IFS स्तर तक के अधिकारियों की कमी रही है. इन कमियों को भरने के लिए वन विभाग से समय-समय पर प्रतिनियुक्ति के तहत अधिकारी भेजे जाते रहे हैं, जिन अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, उनमें सहायक वन संरक्षक मयंक मेहता का नाम शामिल है, इन्हें प्रभारी उपनिदेशक उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी से वन विकास निगम भेजा गया है.

इसके अलावा गौरव कुमार पंत को प्रभारी उपनिदेशक कार्यालय प्रमुख वन संरक्षक हॉफ से निगम भेजा गया है. सहायक वन संरक्षक शिवानी गहलोत को उप प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडाउन से प्रभारी प्रभागीय विक्रय प्रबंधक वन विकास निगम बनाया गया है. वहीं ललित कुमार को पिथौरागढ़ से निगम भेजा गया.

इस तरह इस आदेश के बाद वन विकास निगम में कर्मचारियों की कुछ हद तक कमी दूर हो पाएगी और विभिन्न जगहों पर तैनाती की जा सकेगी. दूसरी तरफ वन विभाग में अधिकारियों की कमी लगातार बनी हुई है स्थिति यह है कि तमाम डिवीजन में तैनाती के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारी नहीं मिल पा रहे हैं. खासतौर पर मुख्यालय में तो PCCF स्तर के अधिकारी ही बेहद कम हो गए हैं.

यही नहीं प्रशासन, वन पंचायत जैसे पदों पर दुविधा की स्थिति बनी हुई है. उधर दिसम्बर में कुछ और अफसरों की सेवानिवृत्ति से अधिकारियों की कमी बढ़ने वाली है. कुल मिलाकर अभी विभाग साल के अंत में धीमी रफ्तार में दिख रहा है और फुलफ्लैश जिम्मेदारी पर अधिकारियों की नियुक्ति का इंतजार है.