रुद्रपुर: किच्छा में राजस्व लोक अदालत में प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 152 लंबित राजस्व वादों का निस्तारण किया. यह आयोजन आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. तहसील परिसर में राजस्व परिषद उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर के निर्देशों के क्रम में लोक अदालत का उद्देश्य लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान करना था, जिसमें प्रशासन को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई.
इस अवसर पर न्यायालय तहसीलदार किच्छा की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1901 की धारा 34 के अंतर्गत कुल 152 लंबित राजस्व वादों का निस्तारण किया गया. सभी मामलों को सुनवाई के दौरान प्राथमिकता देते हुए त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से हल किया गया, जिससे संबंधित पक्षकारों को राहत मिली.
राजस्व लोक अदालत की अध्यक्षता पीठासीन अधिकारी एवं तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी द्वारा की गई. उनके नेतृत्व में न्यायालय ने मामलों के समाधान में गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय दिया. उन्होंने सुनिश्चित किया कि प्रत्येक मामले में दोनों पक्षों को समान अवसर मिले और निष्पक्ष निर्णय सुनाया जाए.लोक अदालत के दौरान प्रशासन ने यह प्रयास किया कि अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार न्यायालय के चक्कर न लगाने पड़ें. इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि लोगों का प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ.
