देहरादून: उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं को जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिलने वाली हैं, जिसके संकेत खुद उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिए है। उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की माने तो जल्द ही यानी दो से तीन दिनों के भीतर धामी सरकार दायित्वों को बांटने वाली हैं। इसके अलावा उत्तराखंड बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर पहुंचे बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने पार्टी ने मंत्रीमंडल विस्तार का मुद्दा भी रखा है, जिस पर चर्चा की गई है।
दरअसल, आज देहरादून के जौलीग्रांट में निजी होटल के अंदर उत्तराखंड बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में राष्ट्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए थे। हालांकि उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रभारी दुष्यत गौतम और सह प्रभारी कल्पना सैनी बैठक में शामिल नहीं हुई थे, जिसको लेकर कई तरह की चर्चाएं थी, उन पर भी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जवाब दिया।
महेंद्र भट्ट ने साफ कि उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रभारी दुष्यत गौतम किसी कार्यक्रम में गए है। इसीलिए वो नहीं आ पाए है। वहीं सह प्रभारी कल्पना सैनी चुनाव के कारण पश्चिम बंगाल के दौरे पर है। इसीलिए वो भी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाई। वहीं कैबिनेट विस्तार को लेकर भी महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि आज 14 फरवरी की कोर कमेटी की बैठक में मंत्रीमंडल विस्तार का मुद्दा राष्ट्रीय पर्यवेक्षक जेपी नड्डा के सामने रखा गया था। अब वो इस बात को लेकर केंद्रीय हाईकमान के सामने रखेगे। उम्मीद है कि जल्द ही प्रदेश में मंत्रीमंडल विस्तार किया जाएगा, जिसका विधायक ब्रेसबी से इंतजार कर रहे है। क्योंकि मार्च में धामी सरकार के चार साल भी पूरे हो रहे है।
इसके अलावा दायित्वधारियों को लेकर भी महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया है कि अगले दो से तीन दिन के अंदर दायित्वधारियों की लिस्ट जारी कर दी जाएगी। हालांकि दायित्वधारियों की लिस्ट कई चरणों में जारी की जाएगी। इसके अलावा आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में किन विधायकों का टिकट कट सकता है, इस पर भी महेंद्र भट्ट ने जवाब दिया।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि अभी हम किसी विधायक का टिकट नहीं काट रहे हैं। इस बात का निर्णय कोर कमेटी में होता भी नहीं हैं। टिकट देने का निर्णय संसदीय कमेटी करती है, वो भी इंटरनल सर्वे और अन्य आधार पर है। वैसे बीजेपी ऐसे ही पार्टी है कि जिसमें टिकट पहले ही से घोषित होता है, वो भी कमल का।
