देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरे रफ्तार पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार यात्रा मार्गों पर पिछले वर्षों की तुलना में ट्रैफिक व्यवस्था काफी बेहतर नजर आ रही है। लंबे जाम और अव्यवस्था जैसी समस्याएं फिलहाल देखने को नहीं मिल रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। यात्रा मार्गों को सुगम बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
चारधाम यात्रा के यातायात नोडल अधिकारी एवं देहरादून आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने सबसे पहले ग्रीन कार्ड व्यवस्था को सरल बनाया। अब यात्रियों को चेक पोस्टों पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ रहा है और वाहनों की जांच प्रक्रिया भी काफी व्यवस्थित हो गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सीमा में प्रवेश करते ही ट्रैफिक मैनेजमेंट की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। नारसन में बनाए गए पहले ग्रीन कार्ड सेंटर पर वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यहां ड्राइवरों और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वाहनों को व्यवस्थित तरीके से आगे भेजा जा सके।
इसके अलावा हरिद्वार के सत्यनारायण चेक पोस्ट और हरबर्टपुर चेक पोस्ट पर वाहनों की केवल एक बार जांच की जा रही है। इससे यात्रियों को बार-बार रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ रही और यात्रा सुगम बनी हुई है। जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी सीमित जांच की जा रही है।
आरटीओ संदीप सैनी के मुताबिक यात्रा शुरू होने से अब तक करीब 20 हजार ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि पिछले पूरे यात्रा सीजन में लगभग 33 हजार ग्रीन कार्ड बने थे। इससे साफ है कि इस बार यात्रा में वाहनों की संख्या अधिक होने के बावजूद ट्रैफिक नियंत्रण बेहतर तरीके से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं चारधाम यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया है। केदारनाथ मार्ग पर गौरीकुंड तक यातायात सामान्य है और जहां भी व्यवस्थाओं में कमी नजर आई, वहां सुधार के निर्देश दिए गए हैं। बदरीनाथ मार्ग पर कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, जिसके बावजूद पुलिस और प्रशासन ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संचालित कर रहे हैं।
वहीं गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर सयाना चट्टी से हनुमान चट्टी तक पिछले मानसून में हुए भूस्खलन के कारण कुछ दिक्कतें बनी हुई हैं, लेकिन सड़कें खुली हैं और यातायात जारी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान वाहन केवल सोनप्रयाग तक ही ले जाएं। सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शटल सेवा संचालित की जा रही है, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों को मुफ्त सुविधा दी जा रही है।
