श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शुरू की चयन प्रक्रिया, तीन सदस्यीय समिति करेगी अंतिम नामों का चयन
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद अब मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया में जुट गया है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। बताया जा रहा है कि आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई तक 2300 से अधिक अभ्यर्थियों ने अपनी दावेदारी पेश की है। अब ट्रस्ट इन आवेदनों की विस्तृत जांच और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
सूत्रों के अनुसार आवेदन प्राप्त होने के बाद अब सबसे पहले उम्मीदवारों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो सभी आवेदनों की जांच कर पात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार करेंगे। इसके बाद चयन समिति योग्य उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेगी और इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू होगी।
तीन सदस्यीय समिति करेगी अंतिम चयन
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और ट्रस्ट से जुड़े सुरेश हावरे शामिल हैं। यही समिति साक्षात्कार के बाद योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को अंतिम निर्णय के लिए भेजेगी।
डिग्री ही नहीं, कार्यशैली और साख भी होगी अहम
सूत्रों की मानें तो इस पद के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता या प्रशासनिक अनुभव ही पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवारों के सेवा रिकॉर्ड, ईमानदारी, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव भी विस्तार से परखा जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अभ्यर्थी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले संस्थान की गरिमा और संवेदनशीलता को समझने तथा उसके अनुरूप कार्य करने की क्षमता रखता है या नहीं।
मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण पद
राम मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी तथा ट्रस्ट और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
इंटरव्यू के बाद तैयार होगा तीन नामों का पैनल
प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। इंटरव्यू के बाद चयन समिति तीन सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का पैनल तैयार करेगी, जिसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इन्हीं तीन नामों में से एक अभ्यर्थी को मंदिर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
22 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें
इसी बीच 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि नए CEO के नाम पर अंतिम निर्णय इसी बैठक में होगा या नहीं, लेकिन माना जा रहा है कि चयन प्रक्रिया की प्रगति और आगे की रणनीति पर जरूर विचार किया जाएगा।
यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राम मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और प्रभावी प्रबंधन वाले अधिकारी का चयन ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में शामिल है।
