लखनऊ: विधानसभा चुनाव होने में अभी भले ही कुछ समय बाकी हो लेकिन यूपी में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अयोध्या आकर चुनाव लड़ने वाले अखिलेश के बयान को सीएम योगी ने स्वीकार करते हुए सपा मुखिया को आमने-सामने चुनाव लड़ने को लेकर चैलैंज कर दिया। इसके बाद सियासी हलकों में योगी और अखिलेश के आमने-सामने चुनाव लड़ने की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि कुछ घंटे बाद ही अखिलेश यादव ने अयोध्या में चुनाव लड़ने को लेकर सपा का रूख पूरी तरह से साफ कर दिया। उन्होंने कहा, अयोध्या में सपा की ओर से पवन को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। अखिलेश के इस बयान से ये साफ हो गया है कि अयोध्या में अखिलेश और योगी आमने सामने चुनाव नहीं लड़ेंगे।
सोशल मीडिया एक्स पर लिखी पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, पवन का झोंका आएगा, अंहकार सब उड़ जाएगा। उन्होंने आगे लिखा, अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ ही काफ़ी है। चोरों को क्लीन चिट देनेवाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी। लोकसभा भूल गये क्या? और बाक़ी कसर अयोध्या की वो माताएं पूरा कर देंगी जिन्होंने सरेआम दुखी माँ का अपमान करते हुए दुर्व्यवहारी दंभियों को देखा है। अपने इंटर्नल सर्वे में आपको ये बात पता चली कि नहीं कि अयोध्या में आपकी तरफ़ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता है। पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं।
बलरामपुर में क्या बोले सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम की बात है तो वह पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन अखिलेश यादव में हिम्मत है तो अयोध्या से नामांकन कर मैदान में आएं। उन्होंने कहा कि लड़ाई ही लड़नी है तो चेलों से क्यों, आमने-सामने होनी चाहिए। योगी ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा समय-समय पर पीडीए का अर्थ बदलती रहती है। उन्होंने दावा किया कि आजकल पीडीए का मतलब ‘प्रदेश डुबाऊ अथॉरिटी’ हो गया है।
सीएम योगी को लेकर क्या बोले अखिलेश यादव
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दो दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा था, ‘जब से हमने अपने उम्मीदवार की घोषणा की है, भाजपा लगातार सर्वे कर रही है और हर सर्वे में पीछे रही है। सुनने में आ रहा है कि उन्हें अयोध्या के लिए कोई नया प्रत्याशी नहीं मिल पा रहा है। बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।’
अखिलेश ने अयोध्या में पवन पांडेय को बनाया है सपा कैंडिडेट
पांच अगस्त को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या सीट से पवन पांडेय के नाम की घोषणा की थी। अखिलेश यादव ने कहा था कि पवन पांडेय अयोध्या से चुनाव जीतेंगे। पवन से कहा चुनाव जीत कर आना। बतादें कि अयोध्या विधानसभा सीट, जिसके अंतर्गत राम मंदिर क्षेत्र भी आता है, यूपी की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है। पवन पांडेय को उम्मीदवार घोषित कर सपा ने चुनावी तैयारियों का बड़ा संकेत दे दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा. जो हमें छोड़कर गए, वो गए।
